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दोबारा कुरान लिखने जैसा होगा तीन तलाक को अवैध ठहराना, SC से मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

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धनंजय महापात्रा, नई दिल्ली
देश में तीन तलाक के मुद्दे पर छिड़ी बहस दिनोंदिन तेज होती जा रही है। अब ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने कड़ा रुख अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि अगर तीन तलाक को अमान्य करार दिया जाता है तो यह अल्लाह के निर्देशों का उल्लंघन होगा। इतना ही नहीं, बोर्ड का कहना है कि तीन तलाक को न मानना कुरान को दोबारा लिखने और मुस्लिमों से जबरदस्ती पाप कराने के लिए मजबूर करने जैसा होगा।

AIMPLB ने कहा कि उसके प्रावधान संविधान की धारा 25 (धार्मिक स्वतंत्रता) के तहत वैध हैं। बोर्ड ने कहा,'अगर पवित्र कुरान की इसी तरह बुराई की जाती रही तो जल्दी ही इस्लाम खात्मे की कगार पर आ जाएगा। हालांकि तीन तलाक डिवॉर्स देने का बिल्कुल अलग तरीका है लेकिन कुरान की पवित्र आयतों और पैगंबर के आदेश के मद्देनजर इसे अवैध करार नहीं दिया जा सकता।'

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