लोगों में अब महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर उनके जीवन को नियंत्रित करने का जुनून पागलपन में बदल गया है. उनके इस पागलपन पर गुस्सा भी हद से ज्यादा आता है. दुनिया भर में महिलाओं को उनकी सुरक्षा के नाम पर कई कामों को करने से रोका जाता है. एक तरह से कहें तो उन्हें और उनकी लाइफ को कंट्रोल किया जाता है. ये कहीं से भी ठीक नहीं है. इसके लिए अगर पहले से ही प्रचलित पितृसत्तात्मक लोग, खाप पंचायत, मौलाना और उनके आदेश काफी नहीं थे, तो अब हमारे देश के विश्वविद्यालय संस्कृति के नए ठेकेदार बनकर उभर रहे हैं. ये छात्राओं की सुरक्षा के नाम पर एक से एक बेतुके नियमों को ला रहे हैं और उन्हें लागू भी कर रहे हैं. हाल ही में, दिल्ली यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल स्टूडेंट हाउस फॉर विमेन (आईएसएचडब्लू) और मेघदूत छात्रावास ने महिला छात्रों को सुरक्षा के नाम पर होली के दिन बाहर निकलने पर रोक लगा दी!